ईश्वर क्या है? - What is God?
ईश्वर क्या है?
यह प्रश्न सदियों से ऋषियों, साधकों और विचारकों को मंथन में डालता आया है। किसी के लिए ईश्वर एक साकार देवता हैं, तो किसी के लिए एक शक्ति, एक अनुभूति, एक निराकार सत्य।
पर यदि हम ईश्वर को सिर्फ कोई उपरी सत्ता न मानें, बल्कि हर कर्म के पीछे का कारण, सभी क्रियाओं का कर्ता माने तो?
भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं:
"कर्तापन का अभिमान मत करो, ईश्वर ही सबका कारण है।"
(अध्याय 3, श्लोक 27-30)
इसका तात्पर्य है — हम केवल माध्यम हैं। जो ऊर्जा हमारे अंदर काम कर रही है, जो विचार हमारे मन में आते हैं, जो कदम हम उठाते हैं — ये सब उस परमशक्ति की प्रेरणा से होता है।
जब हम अपने अहंकार को छोड़कर इसे स्वीकार करते हैं, तो जीवन सरल हो जाता है। हम समर्पण से कर्म करते हैं, लेकिन फल की चिंता नहीं करते। न सम्मान की अपेक्षा, न प्रशंसा की भूख — बस निःस्वार्थ कर्म।
तो, ईश्वर क्या है?
ईश्वर हमारे बाहर नहीं — हमारे भीतर और चारों ओर है। वह शक्ति है जो ब्रह्मांड को चला रही है, वह चेतना है जो सब कुछ देख रही है।
